कई लोग कहते है या यो कहे की बचपन से सुनते आ रहे है हेल्प की नियत होनी चाहिए सामने वाले को मदद के लिए त्यार रहना चाहिए
पर मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ की फ्रेंड ने मदद करने के लिए जो एक्शन लिए उनसे फायदा कम पर नुक्सान ज्यादा हो गया 😀
Let me explain with a story
रिंकू एक दिन सड़क से कुछ लेने जा रहा था, वो पैदल पैदल जा रहा थे तो सड़क पर पड़े कूड़े कबाड़ पैर भी नजर जा रही थी, वो टहल रहा था जैसे ही उसने अपनी गली का मोड़ मुडा उसे बीच सड़क के इक खडडा नजर आया
उसने एक तरफ पड़ी ईंट उस खडे में डाला और चला गया उसे ये करते सामने वाले दूकान की गोलू आंटी देख रही थी
कुछ दिन बाद जब वो गोलू आंटी से कुछ लेने गया तो पता चला की उसने जो ईंट लोगो के भले के लिए रखी थी कुछ दिन तो वो ठीक रहा फिर ट्रैफिक के कारण वो ईंट खडी हो गयी और कल शाम जैसे ही स्पीड वाली कार का टायर उसपे चढ़ा उस खड़ी ईंट के कारण वो टायर फट गया और कर सामने वाले ठेले से जा टकराई।
अब रिंकू सोच रहा था कि उसने फायदा किया या नुकसान। आप लोग क्या कहेंगे ?
He did a great job.
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