दोस्तों इस दुनिया में कुछ न कुछ हल हर प्रॉब्लम का है, *जैसे कहते है न की ऐसा ताला ही नहीं बना जिसकी चाबी न हो*
आप लोग कहेंगे के हम सब कभी कभी इतने बड़ी प्रॉब्लम में होते है के हल दिखना तो दूर हमारे सोच विचार में भी नहीं आता। बिलकुल मेरे साथ भी कई बार ये वाक्या हुआ की दिक्कत इतनी जबरदस्त आयी और लगा की भाई साहिब अब तो गए। अब न बचते पर पता नहीं कहा से *कुछ हुआ की प्रॉब्लम सोल्व*। और फिर नयी परेशानी, शायद जिंदगी इसे का नाम है।
पर इतनी उम्र के बाद इक बात को तो पता चल ही गया की हल तो बेटे है पर क्या है , कहाँ है , कैसे होगा ये *RnD* का subject है इसलिए समस्या बड़ी नहीं बल्कि बड़ा है उसका हल ढूंढ़ने का process।
और जब हम हल ढून्ढ रहे होते है तो उसका रिजल्ट निचे लिखे पॉइंट्स पर भी निर्भर करता है।
१ अगर आप का व्यक्तित्व पॉजिटिव है : आप को हल मिल के ही रहेगा।
२ अगर आप के साथ आप का परिवार है : आप हल खोज ही लेंगे।
३. अगर आप भगवान पर विश्वाश भी करते है और पॉजिटिव भी है : आप की समस्या कब गायब हो जाएगी आपको पता ही नहीं चलेगा
जैसा किसी भगत ने कहा है :
खुली छतो कै दिए कब के बुझ गए होते
कोई तो है जो इन हवाओं क पर कुतरता है
इस सब को एक वाक्या के हिसाब से बताता हूँ।
मेरी मम्मी ने सब्जी बनाई जैसे ही मैंने चखा तो कहा, माँ ! सब्जी में नमक बहुत ज्यादा है वो बोली कीे सब्जी में दही डाल लो नमक कम हो जायेगा मैंने हँस कर कहा कीे माँ! मैं तो डाल लूंगा दादा जी कैसे खाएंगे वो बोली और पानी डाल कर उबाल दूंगी। मैंने फिर बोला की दीदी तो ज्यादा रस वाली नहीं खायगी तो माँ बोली उसको अकेले आलू आलू निकाल कर दे देंगे। मेरी माँ के पास सब हल है 😃😃😃
so that means, we have a solution for everything but it depends merely on our intention and process of RnD.
And Above all, We should always say in each situation: Hai Sambhab [ Everything is possible]
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