आप हासिल तभी करोगे जब आप गहराई में उतरोगे वरना मोती तलहटी में ही रह जायेंगे।
दोस्तों मेरा बेटा अपने जर्मन के Marks देख कर उदास था वो बोला मैंने Book पड़ी तो थी फिर भी 10 आये है 20 में से , मैंने पुछा आपने lesson पूरा पड़ा था या सिर्फ प्रश्न उत्तर किये थे तो उसने उत्तर दिया, कि सिर्फ पिछले Page के प्रश्न ही किये थे। फिर मैंने बटे जो की 7 years old है उसको पुछा कि क्या प्रश्न बुक में से आये है तो उसने बताया हर पेज के ऊपर कुछ Notes Bold दिए है। Teacher ने वही प्रश्न बना कर दे दिए इसीलिए मै जवाब नहीं दे पाया।
मैंने उसे समझाया के भाई, अपना 100% दो तभी कुछ बनेगा। आपने बुक ऊपर ऊपर से पढ़ी जिस कारण आप पूरे उत्तर नहीं दे पाए
और मित्रो मजा तो तब आया कि उसने मुझे एक उदहारण दिया, कि यह तो मेरे साथ भी हुआ था हुआ यो की कल में जब नहाने कि लिए बाल्टी में पानी भर रहा था तो काफी ठंडा पानी भरने कि बाद मैंने गर्म पानी डाला , हाथ भी लगा कर देखा पानी गरम था पर जब नहाने कि लिए पानी शरीर पैर डाला तो कम्पकम्पी बंध गई। फिर मैंने पानी मिक्स किया तो देखा कि ऊपर ऊपर सिर्फ गरमा गरम पानी था बाकि तो सारा ठंडा ही पड़ा था।
Usually, we perform all actions for the sake of performance.
We study just to pass
We work just to earn
We worship just for fear
We live in society just to be one of them..........
Guys, You can either give 0% or 100%. there is no between.
Some famous Quotes:
1. Luck is what you have left over after you give 100%
2. Always give your hundred percent unless you are donating blood
Now, if you are not getting what you are aspiring for............ Just ask yourself!
Is your 100% really 100%? : if No then please do not sell yourself short