कभी कभी सोचता हूँ की मैं क्यों आया हूँ इस जमीं पर , क्या यही करने जो कर रहा हूँ , या मैंने कुछ और करना है जो अभी मुझे पता नहीं है। …… या मै पता नहीं kar पाया।
जैसे पीर बाबा बुल्ले शाह जी कहते है....
"बुल्ला की जाना मैं कौन। "
जैसे पीर बाबा बुल्ले शाह जी कहते है....
"बुल्ला की जाना मैं कौन। "